पीड़ित लखीराम टुडू स्थानीय लोगों से प्रताड़ित एवम प्रशासन की उपेक्षा हो रहे शिकार

VijaySharma
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सांकतोड़िया : सांकतोड़िया 9 नंबर बाघाडांगा, माझीपाड़ा में अपनी ही जमीन पर घर बनवाने के लिए 44 वर्षीय लखीराम टुडू स्थानीय लोगों से प्रताड़ित और स्थानीय प्रशासन के उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं। सांकतोड़िया पुलिस से नहीं मिल रहा सहयोग। 
लखीराम टुडू ने बताया कि वह जन्म से ही अपने इस पूर्वजों की जमीन पर रहते आ रहे हैं लेकिन जब वह अपनी जमीन पर घर बनवा रहे हैं तो आसपास के लोग उन्हें बाहरी कहकर घर नहीं बनाने दे रहे हैं। इस दौरान 1 मई को जब वे अपने घर पर एस्बेस्टस चढ़ा रहे थे तो पड़ोसियों ने ईट पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इनमें मुख्य रूप से सोनामनी हांसदा के साथ, रुपाई टुडू, बिनोद हांसदा,तुलसी हांसदा, अदूरी हेम्ब्रम, शकुंतला मरांडी व अन्य साथ थी। हमले में पत्नी लुगुमनी टुडू और पुत्री राखी टुडू (25) को गंभीर चोट आई। पत्नी के कनपटी और पुत्री के दाहिने आंख पर चोट आई। घटना पर सांकतोड़िया पुलिस आकर सबकुछ देख हमें फांड़ी बुलाई।  पर विरोधी नहीं पहुंचे।  हम फांड़ी पहुंचे तो पता चला कि जिन अधिकारी ने हमें बुलाया था वे नहीं पहुंचे। दूसरे अधिकारी तापस माजी थे। उन्होंने मेरे नाम पर शिकायत की बात कहकर मुझे अंदर कर दिया। कहा विरोधी पार्टी के नहीं आने पर तुम्हें नहीं छोड़ेंगे। मैंने कहा मेरी बेटी को चोट लगी है डॉक्टर दिखाना है। उन्होंने कहा उसे कुछ नहीं हुआ है। प्राइवेट डॉक्टर को दिखाने से ठीक हो जाएगा। मुझे नहीं छोड़ने पर दूसरे को कहकर मैंने प्राइवेट डॉक्टर को दिखवाया। बाद में विरोधी पार्टी के आने पर मुझे समझौते पत्र पर जबरन हस्ताक्षर करवाया। उसकी कॉपी तक हमें नहीं दी गई और ना ही फोटो लेने दी गई। बोला अपने समाज को लेकर 5 मई को समझौता कर लेना। लेकिन उस दिन रविवार 5 मई को समाज के लोग आए लेकिन विरोधी उपस्थित नहीं हुए। अब 8 मई का दूसरी मीटिंग की तारीख निर्धारित की गई है।

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