कॉमरेड गुरुदास चटर्जी की २४वीं शहादत दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

VijaySharma
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गोविंदपुर देवली स्थित शहीद कामरेड गुरदास चटर्जी का शहादत दिवस मनाया गया 14 अप्रैल 2000 वह मोटरसाइकिल में बैठकर धनबाद से अपने आवास निरसा जा रहे थे, तभी दो अपराधी ने उसी जगह गोली मारकर उनकी हत्या कर दी झारखंड बिहार एवं पश्चिम बंगाल धनबाद निरसा क्षेत्र में उनकी अच्छी भूमिका रही वह गरीबों के मसीहा थे वह गरीबों के हक के लिए लड़ते थे हर जरूरतमंदों के बेटी एवं बाल बच्चे की शादी विभाग से लेकर पढ़ाई लिखाई तक वह जरूरत हुआ करते थे कभी भी पुलिस प्रशासन से कोई भी मामला हाथ के बाहर रहती थी तो अंतिम उम्मीद रखती थी गुरदास दादा के पास निरसा में वह तीन बार विधायक चुने गए 1990 1995 और 2000 उनकी लोकप्रियता बहुत ज्यादा बढ़ गई थी तभी अपराधियों ने घबरा के साजिश रच के उन्हें गोली मार दी वह है क्या रे शिव शंकर सिंह एवं उमाशंकर सिंह थे 14 अप्रैल के दिन उनकी थी आखिरी शाम उनकी हत्या के बाद ग्रामीणों की काफी भीड़ जुट गई कई अन्य ग्रामीण से लोग आए एवं धनबाद क्षेत्र के कई विधायक आएं लोग बहुत आक्रोशित होकर उनके हत्यारे के ऊपर एवं प्रशासन के ऊपर रात भर जीटी रोड जाम रही ग्रामीणों ने फांसी की मांग करने लगी अपराधियों के लिए वही बांग्ला भाषा से बोलने लगे गुरदास दा तुम्हें आमदरा छो आम उनके हत्यारे आज भी उम्र कैद की सजा काट रहे हैं गुरदास चटर्जी के मृत्यु के बाद उनके बेटे अरूप चटर्जी ने उनकी भूमिका अदा करने लगी अरूप दा भी दो बार विधायक बने और अपने पिताजी के विरासत को संभाल लिए देवली में शहादत दिवस में उनके बेटे पूर्व विधायक अरूप चटर्जी ने श्रद्धांजलि दी एवं माला अर्पण किए एवं बलियापुर के पूर्व विधायक आनंद महतो जी पहुंचे सबने मिलकर लाल सलाम के नारे लगाएं जिसमें कई गणमान्य लोग आएं फकीर चंद्र मंडल लाल मोहन महतो निमाई चंद्र महतो रतनपुर के मुखिया मिहिर कुमार मंडल सोमनाथ चक्रवर्ती मासस नेता लोकसभा प्रत्याशी जगदीश रवानी नारायण चंद्र मंडल फतिक चंद्र मंडल रानी खातून एवं पूर्व विधायक अरूप चटर्जी के धर्मपत्नी आनंदित चटर्जी एवं सभी गणमान्य लोग माता एवं बहने उपस्थित हुए l
संवाददाता उज्जवल कुमार मंडल
गोविंदपुर

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