वेंटिलेटर पर 4 दिन की बच्ची को रखा -66,000/- रु का बनाया बिल -पैसे दिए बिना शव देने से किया इंकार !

VijaySharma
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धनबाद /झारखंड: धनबाद के सुपर स्पेशलिस्ट एशियाई जालान हॉस्पिटल हैं जल्लाद हॉस्पिटल जहां गरीब -असहाय मरीजों को दी जाती हैं बली ये कहना हैं भुक्तभोगी लोगों का! 

कहतें है डाक्टर भगवान का स्वरुप होता हैं पर इस जल्लाद हॉस्पिटल में अगर इंसान गलती से भी इलाज कराने पहुंच जाए तो समझिए पॉकेट पर डाका डालने के साथ आपके जान की भी कोई किमत नहीं हैं! 

यह हॉस्पिटल इलाज के नाम पर गरीबों  का एक -एक कतरा खून चूसने का काम करता हैं! कई बार इलाज कराने के दरम्यान यहां मरिजों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ हुआ पर अपने पैसे और पावर के दम पर हॉस्पिटल प्रबंधन ने ठेंगा दिखाने का काम किया!  

ऐसा ही आज देखने को मिला जब गोविंदपुर ,महाराज गंज कन्हाईडिह निवासी प्रदीप मंडल के 4 दिन की बच्ची को वेंटिलेटर पर रख कर उसके परिजनों को दूर से दिखाया गया कि आपकी बच्ची वह रही, पर बच्ची के परिजनों से उसे मिलने तक नहीं दिया गया। आखिर कर बच्ची की मौत हो गई। 66,000/- रु का बिल बनाया गया और अस्पताल प्रबंधन द्वारा कहा गया कि बिल पेमेंट करों तभी बच्ची का शव दिया जाऐगा,आखिर यह कहां की इंसानियत है ? 

वहीं जालान हॉस्पिटल प्रबंधन ने बड़ी आसानी से कह दिया कि हमने ऐसी कोई बात नहीं कही हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है! 

जिला प्रशासन और सरकार को ऐसे मामलों पर गंभीरता से संज्ञान लेकर हॉस्पिटल प्रबंधन पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए ताकि इन्हें सबक मिल सकें।

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