अखिल भारतीय कला साधक सगम बेंगलुरू में सम्पन्न झारखंड के कलाकारों ने दी शानदार प्रस्तुति

VijaySharma
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धनबाद/बेंगलुरु: अखिल भारतीय कला साधक संगम का चार दिवसीय सम्मेलन एक से चार फरवरी को बेंगलुरु में सम्पन्न हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन  मधुकर भागवत, आर्ट ऑफ लिविंग के रवि शंकर
अखिल भारतीय कला साधक संगम के समापन समारोह में बतौर  शामिल हुए।

अपने संबोधन में श्री भागवत ने कहा भारतीय कला सत्यम् शिवम् सुंदरम् के सिद्धांत पर चलती है। सत्य और शिव जब साथ चलते है तो परिणाम सुंदर होता है। इसके लिए हमें कार्यकर्ता बनना है। कार्यकर्ता  का पूरा ध्यान कार्य पर ही हो। कार्यकर्ता को अपने आप को  मान-सम्मान प्रतिष्ठा से अलग रखने की कोशिश करनी चाहिए। कार्य अपने हाथ है, फल प्रभु के हाथ है, इस विचार  के साथ कार्य करना चाहिए। अपने ऐसे ही प्रयासों से कार्यकर्ता को समाज में तरह तरह के कलाकारों को संगठन से  जोड़ना पड़ेगा। 

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक   रवि शंकर ने कहा कि  संघे शक्ति कलियुगे को ध्यान में रखते हुए आरएसएस हिंदू समाज को संगठित कर रही है। संस्कार भारती और संघ की शाखाओं के माध्यम से ही श्रेष्ठ भारत की नीव मजबूत हो रही है इनके कार्यकर्ता बड़ी ही निष्ठा से काम कर रहे है। अयोध्या में प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही देश में एक राम लहर उठा है।शक्ति, भक्ति, युक्ति और मोक्ष से आत्म बोध होता है। 

सम्मेलन में संस्कार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष वासुदेव कामथ, उपाध्यक्ष मंजु मैसुर नाथ एवं एस हेमलता मोहन, राष्ट्रीय महामंत्री अश्विन दलवी, प्रसिद्ध फिल्म निदेशक राज दत्त, अयोध्या मंदिर में रामलला के मूर्तिकार अरुण योगिराज एवं दूसरे चयनित मूर्तिकार जी. एल.भट्ट, मनमोहन वैद्य,संस्कार भारती के अ.भा.लोक कला संयोजिका प्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी समेत कई प्रसिद्ध कलाकार मौजूद थे। इसके पूर्व संस्कार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री अश्विन दलवी ने कला साधक संगम की रिपोर्ट प्रस्तुत की।उत्तर पूर्व के क्षेत्र प्रमुख डा. संजय कुमार चौधरी ( बोकारो ) ने कार्यक्रम के दौरान मुख्य संचालक की भूमिका निभाई। 

झारखंड के कलाकारों ने राष्ट्रीय पटल पर समरसता की झांकी की प्रस्तुति ः

झारखंड से आए 25 सदस्यीय कलाकारों के दल ने अखिल भारतीय कला साधक संगम के दौरान  संस्कार भारती झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष सुशील अंकन के नेतृत्व में आयोजित कांवर शोभा यात्रा के माध्यम से सामाजिक समरसता की झांकी प्रस्तुत की।इसके अलावे छौ नृत्य की टीम ने भी श्रीराम केवट  प्रसंग पर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति की। झारखंड से आए कलाकारों में सुशील अंकन,  उमेशचन्द्र मिश्र, विश्वनाथ प्रसाद, राकेश रमण, संजय कुमार श्रीवास्तव , रामानुज पाठक, डॉ. रागिणी भूषण, डॉ. जूही सपर्पिता, डा. मुदिता चंद्रा, अनीता सिंह, मथुरेश कुमार वर्मा, सच्चिदानंद सिंह, अर्चना वर्मा, ब्रह्मानंद दसौंधी, सी. ए. विकास वर्मा, कुमार केशव, विष्णु चरण गिरि, नरेन्द्र प्रसाद, सत्यजीत कृष्ण, हरिओम सुधांशु, विपिन प्रसाद सिन्हा, धीरज कुमार आदि शामिल थे।

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