पंचदिवसीय श्री गोदा रंगमन्नार विवाहोत्सव का दिव्याकर्षक आयोजन

VijaySharma
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वृंदावन धार्मिक नगरी के  विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर में पंचदिवसीय श्री गोदा रंगमन्नार विवाहोत्सव का दिव्याकर्षक आयोजन वैदिक परंपरानुसार किया  गया है। श्री रामानुज संप्रदाय के उत्तर भारत में सर्वप्रमुख श्री रंगनाथ मंदिर में श्री लक्ष्मी स्वरूपा गोदम्मा जी का विवाहोत्सव भगवान विष्णु स्वरूप रंगनाथ भगवान के साथ पौष मास में मनाया जाता है। 

श्री  वैष्णवसंप्रदाय की धार्मिक मान्यतानुसार दक्षिण भारत के विल्लीपुत्तुर नामक ग्राम निवासी भगवद भक्त विष्णुचित्त भट्ट नाथ स्वामी की पुत्री रूप में अवतरित गोदा जी ने भगवान विष्णु को पति रूप में पाने के लिए पौष मास में धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक कठिन व्रत का निर्वाहन कर मास पर्यंत दिव्य प्रबंध पाठ कर तिरुप्पावे की रचना की। व्रत पूर्ण होने पर श्री भूदेवी अवतार गोदा जी को भगवान रंगनाथ ने सहधर्मिणी रूप में वरण किया। मंगलोत्सव की बेला में मां गोदाम्मा का केसर मिश्रित हल्दी, चन्दन से लेपन कर पवित्र नदियों के जल से सहस्त्र धारा अभिषेक के उपरांत सुवासित तेल से केश विन्यास किया गया। तदोपरांत नवीन वस्त्राभूषण धारण करवा कर विवाह की मांगलिक रस्म  वैदिक मंत्रोचार के साथ अदा की गई।
विवाह उत्सव अंतर्गत पुस्कर्णी द्वार के समीप माला अदला बदली की गई। इसमें मंदिर के पुजारी नाचते गाते माता गोदा जी की माला भगवान रंगनाथ के लिए और भगवान रंगनाथ की माला गोदा जी के लिए लेकर गए।यह क्रम 3 बार चला। माला अदला बदली के बाद भगवान रंगनाथ और माता गोदा जी की आरती की गई और फिर दोनों को मंडप में ले जाया गया। मंडप में भगवान रंगनाथ और माता गोदा जी का विवाह उत्सव हुआ। राजू स्वामी ने वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य विवाह उत्सव कराया।
 रघुनाथ स्वामी, रंगा स्वामी,तिरुपति राव, उपस्थित रहे।

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