धर्म वह है जिसे वेद स्वीकार करते हैंः हरिदास

VijaySharma
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तिसरा (धनबाद)ःपूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज के पावन सानिध्य में  एमओसीपी दुर्गा मंदिर, तिसरा
में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस व्यासपीठ से स्वामी सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज ने
विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।

तदूपरांत महाराज जी ने कहा
कि  दुनिया का अकाट्य सत्य है कि जो इस धरती पर आया है उसे एक दिन मरना है। ये सत्य जानने के बाद भी जो मनुष्य अपने कल्याण के बारे में नहीं सोचता उससे बड़ा मूर्ख कोई नहीं। धर्म वो नहीं है जिसे तुम्हारी बुद्धि मानती है, धर्म वो है जिसे वेद स्वीकार करते हैं।  

उन्होंने कहा कि जिस दिन आप अपने माता-पिता को धोखा देते हैं उसी दिन आपका जमीर मर जाता है।
पूज्य महाराज श्री ने रविवार को विशेष तौर से बच्चों का मार्गदर्शन करने का प्रयास किया । यह बात तो हम सभी जानते हैं कि आज की पीढ़ी के बालक किस व्यवहार के हैं और उनका भक्ति के अलावा बाकी के कार्यों में मन लगता है। ऐसे ही बच्चों के लिए पूज्य महाराज श्री ने आगे कहा- आज के समय के बच्चे क्या जाप करते हैं.....? यदि लड़का है तो हिरोइन का जाप कर रहा है और लड़की है तो हिरो का जाप कर रही है। अगर ये दोनों नहीं तो पैसे का जाप चल रहा है, लेकिन ईश्वर का जाप होना चाहिए।

सच्चे मन से की गयी प्रार्थना, कभी विष्फल नहीं होती। सब की पॉवर व्यर्थ हो जाती है लेकिन प्रार्थना की पॉवर कभी व्यर्थ नहीं होती है। 

मनुष्य को हमेशा निःस्वार्थ भाव से सेवा करनी चाहिए और मनुष्य को हमेशा ऐसे दान करना चाहिए कि एक हाथ से दान दो तो दूसरे हाथ को पता भी न चले।इस कथा को सफल बनाने में प्रमुख यजमान परिवार अमर निषाद रितु देवी ,विजय निषाद कमला देवी,उषा पासवान  ,ठाकुर बाबा, सिपाही सिंह,भोला साहनी, आलोक राज ,,सौरव पासवान , मथुरा मल्लाह, मुन्नी देवी  , ,गुड़िया देवी, महावीर कुमार राणा, आदि समस्त नगरवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।

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