कथा सुनने से मनुष्य के पाप होते हैं नष्ट,पुराणों में जीवन जीना सिखाया गया है: सुरेंद्र हरिदास

VijaySharma
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अलकडीहा (धनबाद): पूज्य श्री सुरेन्द्र हरिदास जी महाराज के पावन सानिध्य में एमओसीपी दुर्गा मंदिर सब्जी मंडी, मुकुन्दा में  5 से 12 जनवरी तक श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया है। 

श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई। जिसके बाद पूज्य महाराज जी ने भक्तों को "मुझे वृंदावन धाम बसले रसिया" भजन का श्रवण कराया। 

जो व्यक्ति करता है, वह स्वयं जानता है कि वह क्या कर रहा है। हमारे पुराणों में यह बताया गया है कि अपनी गलती कैसे सुधारी जाये और कौन से कर्म मनुष्य को नर्क ले जाते हैं। पुराण मनुष्य को एक पिता की तरह सिखाते हैं कि कौन से कर्म मनुष्य को करने चाहिए जिससे मनुष्य का कल्याण हो । 

भगवान श्री कृष्ण गीता में कहते हैं कि जो मनुष्य मांस और मदिरा का सेवन करते हैं भगवान उनकी पूजा स्वीकार नहीं करते हैं। जब तक मनुष्य अपने आप के लिए जीते रहेंगे तब तक अपने भगवान और धर्म का मज़ाक बनवाते रहेंगे। जिस दिन मनुष्य अपने धर्म और भगवान के लिए जीना सीख जायेंगे उस दिन भगवान के लिए बुरा बोलने वालों को मुँह तोड़ जवाब देने लग जायेंगे। भगवान वो होते हैं जो अपना ही नहीं  बल्कि सभी मनुष्य जाति का कल्याण करना जानते हैं। 

सीरियल और फिल्में गुनहगार हैं, जो आज की पीढी को संस्कार हीन बना रही है और जो लोग इन्हे बनाते हैं वह पैसों के करण समाज के संस्कारों की बली चढ़ाते हैं। इस संसार के मनुष्य को संस्कारी होना चाहिए क्योंकि आज का व्यक्ति केवल बेईमानी करना जनता है और ऐसा करके मनुष्य अपने लिए नर्क के द्वार खोल देते हैं। 

मनुष्य सब से ज्यादा संस्कारी तब होता है जब उसकी संतान संस्कारी होती है। जब भी कथा सुनने बैठे तो यह समझ कर बैठना चाहिए कि भगवान श्री कृष्ण के पास बैठे हैं। जब मनुष्य कथा सुनने आते हैं तो पाप उस मनुष्य को छोड़ कर चला जाता है, क्योंकि कथा सुनने से पाप नष्ट होते हैं।इस कथा को सफल बनाने में प्रमुख यजमान परिवार अमर निषाद रितु देवी ,विजय निषाद कमला देवी,उषा पासवान,भोला सहनी,आलोक राज ,मानिक चंद्र महतो,सौरव पासवान ,मथुरा मल्लाह, मुन्नी देवी,सुधीर यादव, कमला सहनी,गुड़िया देवी, महावीर कुमार राणा, आदि समस्त नगरवासियों के सहयोग से किया जा रहा है।
रिपोर्ट  निशा कुमारी 

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