आरबीआई द्वारा बैंकों के एमएसएमई शाखाओं के अधिकारियों के क्षमता निर्माण हेतु कार्यशाला

VijaySharma
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धनबाद:आरबीआई राँची कार्यालय द्वारा धनबाद जिले में कार्यरत विभिन्न बैंकों के एमएसएमई शाखाओं के अधिकारियों के क्षमता निर्माण हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। 

कार्यशाला में आरबीआई झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक प्रेम रंजन प्रसाद सिंह ने देश के आर्थिक विकास और रोजगार सृजन में एमएसएमई के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एमएसएमई उद्यमिता को बढ़ावा देता है और रोजगार के बड़े अवसर का निर्माण करता है। एमएसएमई ग्रामीण क्षेत्रों में प्रच्छन्न बेरोजगारी की समस्या कम करने में सहायक हैं एवं सहायक इकाइयों के रूप में बड़े उद्योगों के पूरक भी हैं और द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के पूरी पारिस्थितकी में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 

आगे श्री सिंह ने यह भी कहा कि एमएसएमई क्षेत्र द्वारा अर्थव्यवस्था में उत्तरोत्तर महत्वपूर्ण योगदान हेतु भौतिक बुनियादी ढाँचागत बाधाओं, प्रौद्योगिकी अपनाने में विलंब, क्षमता निर्माण, आपूर्तिकर्ता और ग्राहक के बीच की कड़ी, ऋण और जोखिम पूँजी तक पहुँच की कमी, और इनके साथ-साथ देरी से भुगतान जैसी चुनौतियों से सक्षम रूप से निबटना जरूरी है। इसलिए उन्होने बैंक कर्मियों को उद्यमियों के प्रति संवेदनशील होने एवं एमएसएमई इकाइयों के जीवन चक्र को समझने और उन्हें समय पर समुचित ऋण देने को कहा। इसके अलावे उन्होंने पीएम विश्वकर्मा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर बैंकों से अनुरोध किया गया कि इन योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करें एवं लाभार्थियों को चिह्नित कर इस योजना में निहित सुविधाओं के साथ ऋण सहायता प्रदान करें। कार्यशाला से विभिन्न जिलों में कार्यरत एमएसएमई शाखाओं के अधिकारीगण लाभान्वित हुए।


प्रतिभागियों को एमएसएमई संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में भारतीय रिज़र्व बैंक, सिडबी, एमएसएमई-डीएफओ, भारतीय स्टेट बैंक इत्यादि के वरीय अधिकारियों ने संबंधित विषयों पर सत्रों में सहभागिता की। इस दौरान भारतीय रिज़र्व बैंक के उपमहाप्रबंधक एवं प्रबंधक भी उपस्थित रहे। कार्यशाला में बैंक ऑफ इण्डिया, भारतीय स्टेट बैंक, इंडियन बैंक, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के साथ साथ राज्य में उपस्थित अन्य प्रमुख बैंकों एवं लघु वित्त बैंकों के 32 अधिकारी सम्मिलित हुए ।

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