राजा भागीरथ ने गंगा को लाकर इस भारत को भारत बनाया डॉ. हरिश रौतेला जी

VijaySharma
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वृन्दावन  धार्मिक नगरी वृदावन में प्रेम मन्दिर के सामने शरणागति परिसर में श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा 'आनंदोत्सव' कार्यक्रम आयोजित हुआ ।  संत धर्माचार्य एवं भागवत प्रवक्ता  द्वारा श्री राम मंदिर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम को प्रारम्भ किया शरणागति परिसर के संस्थापक श्री रसिया बावा ने कहा हम सनातनी हिंदूओ धर्मो के लोगों के लिए500 वर्ष के बाद ऐसा समय आया है  22 जनवरी को घर घर दीपावली बनायें यह केवल अयोध्या का मंदिर नहीं बन रहा राम की प्रतिष्ठा नहीं बल्कि सनातन धर्म की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है सनातन की ध्वजा को फहराने का काम प्रथम हुआ है।क्योंकि राम जी धर्म की मूर्तिमान विगृह हैं  और सनातन धर्म है जो राम जन्म भूमि की प्राण प्रतिष्ठा है जैसे पहले राम जी की प्राण प्रतिष्ठा हो जाएगी उसके बाद तुरंत मथुरा में कृष्ण कन्हैया की प्राण प्रतिष्ठा होगी उसके लिए हम निश्चित रूप से साक्षी बनेंगे मुझे पूरा दृण विश्वास है   सभी धर्माचार्य एवं संत भागवताचार्य ने अपने अपने व्यत्वय रखे 
मुख्य वक्ता डॉ. हरिश रौतेला जी ने कहा  अयोध्या में 22 जनवरी को500 वर्षों के बाद पुनः भगवान राम अपने घर में विराजमान होने वाले हैं अभी विराजमान हो रहे हैं तो हम इसको वैश्विक प्रर्शित देखते हैं तो क्या ध्यान में आता है हजारो गिरजाघर टूटे चर्च टूटी मस्जिद टूटी लेकिन टूटने के बाद परिदृश्य में आपको एक भी उदाहरण नहीं मिलेगा इस देश के सारे के सारे जनमानस ने उसको उसको बनाने के लिए हजारों लोगों ने इतना बडा बलिदान दिया राम मंदिर के ऊपर बने ढांचे को ढाहने के बाद 6 दिसम्बर 1992 को विश्वके इतिहास में यह 78वाँ युद्ध था इस देश के साधु संतों ने जन् मानस ने राजाओं नेऋषियों एवं मुनियों  अखाड़े ने 78 वार के युद्ध में 5 लाख से अधिक लोगो ने बलिदान दिया तब यह प्राप्त हुआ है इसलिए जन मानस के अंदर और यह भी ढांचा जब टूटा जब देश का एक-एक राम भक्त जगा  जब टूटा प्रयास बहुत हुए जब लोगो ने कहा राम भी कृष्ण भी है काशी भी है यह तीन जगहों को मुक्त कराना है शुरुवात कहां से हुई शुरूआत अयोध्या से क्यों हुई  इसको हमको समझने की जरूरत है राम कैसे थे । जब हम राम का विचार करते है किस परपंरा किस पीढी के थे तब अपनको ध्यान मे आता है इनकी पीढीओ के लोग स्वप्न में भी अगर राजपाठ का दान कर देते थे स्वप्न मे दान किय हुये को प्रत्यक्ष में भी उसको दान कर देते थे  ऐसी परंपरा ऐसे कुल के श्रीराम थे उस कुल की परंपरा से राजा भागीरथ ने गंगा को लाकर इस भारत को भारत बनाया ।भगवान राम ने इस देश को यह बताया बडे भाई के छोटे भाई के प्रति कर्तव्य बोध क्याहै पिता के वचनो का कर्तव्य बोध क्या है राजा के प्रजाके प्रति कर्तव्य बोध क्या है राजा का वनवासियों के प्रति . गिरवासियो के प्रति सबरी जैसी माता के प्रति कर्तव्य बोध उठा के गये इसलिये जन जन के राम बने - लोगो ने कहा राज्य हो तो कैसा हो . राज्य हो श्री राम जैसा राज्य हो एसे मर्यादा पुरुषोतम थे। उनके जीवन चरित्र को पढ़ते है जब ध्यान में आया अयोध्या की रामजन्म भूमि को मुक्त कराकर वहाँ श्री राम प्राण प्रतिष्ठा हो रही है राम की महमा अदभूत है राम जैसा राज्य जहाँ स्थापित होगा निश्चित रूप से भारत पूरे विश्व का पुनः मार्गदर्शन करेंगा आजादी के 100 वर्ष पूरे हो जायेगे उस समय भारत विश्व की सबसे बडे आर्थिक महा शक्त बन जायगा भारत विश्व राष्ट्र बनेगा तब विश्व का मार्ग दर्शन करेगा यही राम का राज्य है। 22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा प्रत्येक मंदिरो पर एवं गल्ली मौहले से सैकड़ों लोगों को वूलाकर लाइव प्रसारण दिखाए  इस अवसर पर स्वामी फूलडोल  दास मदन मोहन दास, लाडली शरण , शंकर नागा , कार्ष्णी नागेन्द्र महाराज ,सचिदानंद दास , भण्डारी बाबा,मनोज मोहन शास्त्री ,श्याम सुन्दर पाराशर, नारायण पाराशर, गोस्वामी नवीन, चर्तुनारायण , राजेश  विश्व हिन्दू परिषद् संगठन मंत्री केशव धाम निदेशक ललित कुमार
विभाग प्रचारक अरुण कुमार जिला प्रचारक चन्द्रशेखर  ,ओम प्रकाश  एम एल सी,
ठाकुर मेघ श्याम विधायक ,पण्डित श्रीकांत शर्मा विधायक 
राजेश चौधरी विधायक , घनश्याम लोधी महानगर अध्यक्ष
विनोद राघव जी विश्व हिन्दू परिषद्आयोजक शरणागति परिवार शरणागति परिसर श्री श्रीनाथजी हवेली वृन्दावन 
शशी कान्त भण्डारी श्री रसिया बाबा संजीव कृष्ण ठाकुर जी राम वल्लभ शर्मा, विपिन बावू, वरिष्ठ प्रचारक सर्वेश भाजपा नेता योगेश द्विवेदी, मनीष एवं संत समाज धर्माचार्य एवं भागवताचार्य उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन श्री रसिया बावा एवं डाँ. सजीव कृष्ण शास्त्री और नृत्य गोपाल शर्मा ने किया -

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