रोड एक्सीडेंट में जान बचाने के लिए डॉ अभिषेक व डॉ तपस्या शर्मा का हुआ सम्मान

VijaySharma
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हर साल कोहरे की वजह से रोड एक्सीडेंट होते हैं जिसके कारण सैकड़ो लोग मौत के घाट उतर जाते हैं और सैकड़ो लोगों को समय पर चिकित्सा न मिलने के कारण भी वह असमय मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं जिसकी में वजह यह है कि रोड एक्सीडेंट में शिकार लोगों की मदद करने के लिए कोई व्यक्ति सामने नहीं आता। पुलिस व अकारण परेशानी के भय के कारण उनकी मदद कोई नहीं करता और रोड पर पड़ा घायल व्यक्ति का जीवन इलाज के अभाव के कारण समाप्त हो जाता है ऐसे हजारों उदाहरण हमारे सामने आए दिन आते रहते हैं।
लेकिन समाज में कुछ ऐसे भी व्यक्ति होते हैं जो अपने परेशानी को छोड़कर दूसरे की मदद करने के लिए तत्पर रहते हैं आज एक उदाहरण हमारे सामने आया जब बदायूं से आए एडवोकेट राकेश शर्मा के रिश्तेदार गोबिंद शर्मा ने डॉ अभिषेक शर्मा व डॉ तपस्या शर्मा का शॉल उड़ाकर धन्यवाद दिया। गोविंद शर्मा ने बताया कि आज से 17 वर्ष पूर्व जब मेरे रिश्तेदार बरेली से बदायूं स्कूटर से जा रहे थे तब कोहरे की वजह से रोड पर पंक्चर खड़े ईटों से भरे ट्रॉली में टकरा गए टक्कर इतनी खतरनाक थी की राकेश शर्मा जी स्कूटर सहित ट्रॉली के नीचे अटक गए जिसकी वजह से दोनों पैरों की हड्डियां चकनाचूर हो गई आधे घंटे तक रोड पर चिल्लाते रहे लेकिन किसी ने भी उनकी मदद नहीं की और वह ऐसे ही खून बहने के कारण बेहोश हो गए । बरेली से बदायूं जाते हुए डॉक्टर दंपति ने उनको देखा और उतर कर मदद करने के लिए पास खड़े लोगों से बोला लेकिन सभी ने उनका हाथ लगाने के लिए भी मना कर दिया , पुलिस को फोन करने के बावजूद भी कोई मदद समय पर नहीं पहुंच सकी इसलिए खून को बहता देख उन्होंने सोचा कि अगर समय पर मदद नहीं की तो यह यहीं पर अपने प्राण त्याग देंगे इसलिए बिना जान पहचान के ही उन्होंने जान बचाने के लिए बड़ी मुश्किल से ट्रॉली के नीचे से निकला और उनको कार में पीछे लेटा लिया देखते ही देखते कार में भी खून ही खून हर तरफ हो गया।
डॉक्टर दंपति ने किसी की चिंता ना करते हुए समय पर बदायूं के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवा कर इलाज चालू करवा दिया। उसके बाद ही राकेश शर्मा जी के घरवाले अस्पताल में पहुंच पाए।
राकेश शर्मा जी कई सर्जरी से गुजर कर 6 महीने बाद चलने में सक्षम हो पाए।
गोविंद शर्मा बताते हैं कि अगर उन्हें सही समय पर इलाज नहीं मिला होता तो आज राकेश शर्मा जी जीवित नहीं होते इसलिए आज जब मैं वृंदावन दर्शन करने आया तो सोचा की ऐसे डॉक्टर दंपति का सम्मान करना चाहिए जिन्होंने बिना कुछ सोचे समझे अनजान व्यक्ति की मदद की अगर सारे लोग ऐसे ही सोचने लगे तो हजारों लोगों की जान प्रतिवर्ष बचाई जा सकती है।
आपको बताते चले कि डाक्टर दंपति ने पहले भी कई बार एक्सीडेंट में घायल लोगों की जान बचाई है 2015 में भी लंदन की एक महिला चारु चंद्रिका दासी की जान डॉ दंपति ने बचाई थी जिसके लिए 1 साल 2016 में आकर उस महिला ने भी डॉक्टर दंपति का सम्मान किया था और धन्यवाद दिया था।

डॉ अभिषेक शर्मा का कहना है कि लोगों को सुरक्षित रोड पर चलना चाहिए खासकर जब कोहरा पड़ रहा हो और हमें हमेशा हर व्यक्ति की मदद के लिए तैयार रहना चाहिए क्योंकि यह स्थिति कभी भी किसी के साथ आ सकती है।
रिपोर्ट आशुतोष शर्मा
वृंदावन

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