कथा सुनने से मनुष्य के पाप होते हैं नष्टः सुरेन्द्र हरिदास

VijaySharma
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धनबादः बैंक मोड टेलीफोन एक्सचेंज 
रोड धनबाद में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई।  कथा प्रसंग के दौरान व्यासपीठ से सुरेंद्र हरिदास जी ने कहा कि हमारे पुराणों में यह बताया गया है कि अपनी गलती कैसे सुधारी जाये और कौन से कर्म मनुष्य को नर्क ले जाते हैं। पुराण मनुष्य को एक पिता की तरह सिखाते हैं कि कौन से कर्म मनुष्य को करने चाहिए जिससे मनुष्य का कल्याण हो । 

भगवान श्री कृष्ण गीता में कहते हैं कि जो मनुष्य मांस और मदिरा का सेवन करते हैं भगवान उनकी पूजा स्वीकार नहीं करते हैं। जब तक मनुष्य अपने आप के लिए जीते रहेंगे तब तक अपने भगवान और धर्म का मज़ाक बनवाते रहेंगे। जिस दिन मनुष्य अपने धर्म और भगवान के लिए जीना सीख जायेंगे उस दिन भगवान के लिए बुरा बोलने वालों को मुँह तोड़ जवाब देने लग जायेंगे। भगवान वो होते हैं जो अपना ही नहीं  बल्कि सभी मनुष्य जाति का कल्याण करना जानते हैं। 

सीरियल और फिल्में गुनहगार हैं जो आज की पीड़ी को संस्कार हीन बना रही है और जो लोग इन्हे बनाते हैं वह पैसों के करण समाज के संस्कारों की बली चढ़ाते हैं। इस संसार के मनुष्य को संस्कारी होना चाहिए क्योंकि आज का व्यक्ति केवल बेईमानी करना जनता है और ऐसा करके मनुष्य अपने लिए नर्क के द्वार खोल देते हैं। 

मनुष्य सब से ज्यादा संस्कारी तब होता है जब उसकी संतान संस्कारी होती है। जब भी कथा सुनने बैठे तो यह समझ कर बैठना चाहिए कि भगवान श्री कृष्ण के पास बैठे हैं। जब मनुष्य कथा सुनने आते हैं तो पाप उस मनुष्य को छोड़ कर चला जाता है क्योंकि कथा सुनने से पाप नष्ट होते हैं।इस कथा को सफल बनाने में प्रमुख रूप से सफल बनाने मे ददन सिंह, संजय सिंह, प्रभात सुरोलिया, सतीश कुमार सिंह, सी पी सिंह, हीरा सिंह, भावेश मिश्रा, वीरेंदर सिंह, महेश सुलतानिया, मोहन अग्रवाल,पवन अग्रवाल,श्रीमती कृष्णा सुलतानिया, दिलीप साव, दीपक तिवारी, श्रवण कुमार, प्रदीप पांडे, धर्मेंदर पांडे, अशोक सिंह ,रणजीत पांडे अप्पू सिंह, राजेश झा, मुन्ना बरनवॉल, सुनील राय, सक्रिय रहे।

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