हरिनाम संकीर्तन से कट जाती है जीवन की कठिनाइयां ----सुरेंद्र हरिदास

VijaySharma
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धनबादः मॉर्निंग वॉक योगा ग्रुप, बैंक मोड़ धनबाद टेलीफोन एक्सचेंज रोड में 16 जनवरी से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान गंगा कथा के सप्तम दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ की गई।  तदुपरांत व्यासपीठ से सुरेंद्र हरिदास ने कहा कि
जीवन में सुख चाहते हो तो सनातन की बताई हुई क्रियाओं के द्वारा जीवन जीना चाहिए, उनके जीवन में अभी भी अमंगल नहीं हो सकता। जिसके घर में गुरु-गोविन्द और रामायण होती है उसके जीवन में अमंगल कभी नहीं आ सकता ।

उन्होंने कहा कि शरीर से उत्पन किया गया पुत्र मनुष्य का पुत्र होता है और जो पुत्र गुरु मन्त्र से उत्पन होता है वह गुरु का पुत्र होता है।  जो शरीर से पुत्र जन्म लेता है वह बस संसार तक सीमित रहता है लेकिन जो गुरुमंत्र से पुत्र होता है वह भगवान की भक्ति के लिए बना होता है।
मनुष्य की बुद्धि कर्म में फंसी होती हैं मनुष्य को ऐसे कर्म करने चाहिए जिससे मनुष्य इस सांसारिक कर्मों से मुक्त हो जाये। जो मनुष्य मांस खाते हैं उनसे भी परलोक में बदला लिया जाता है। अगर मनुष्य अपने भगवान पर विश्वास रखता है तो भगवान उससे मिलने अवश्य आते हैं। 

आज कथा में महारास और भगवान की 16108 विवाह पर विशेष रूप से कथा हूई ।इस कथा को सफल बनाने में प्रमुख रूप से सफल बनाने मे श्री ददन सिंह, संजय सिंह, प्रभात सुरोलिया, सतीश कुमार सिंह, सी पी सिंह, हीरा सिंह, भावेश मिश्रा, वीरेंदर सिंह, महेश सुलतानिया, मोहन अग्रवाल,मोहनलाल चौधरी,पवन अग्रवाल,श्रीमती कृष्णा सुलतानिया,दिलीप साव,दीपक तिवारी,श्रवण कुमार,प्रदीप पांडे, धर्मेंदर पांडे,अशोक सिंह,रणजीत पांडे अप्पू सिंह, राजेश झा,मुन्ना वर्णवाल,सुनील राय,सभी समाज के लोग का सहयोग से हुआ।
ब्यूरो चीफ निशा कुमारी
धनबाद

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