एमडीओ मोड के माध्यम से राष्ट्रीयकरण के पहले वाली स्थिति को लाना चाहती हैः अरूप चटर्जी

VijaySharma
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तिसरा (धनबाद): केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन एमडीओ मोड के माध्यम से राष्ट्रीयकरण के पहले वाली स्थिति को लाना चाहती है जिसका विरोध पूरे कोल इंडिया में संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में करना होगा तभी कोल इंडिया बचेगा ।उक्त बातें पूर्व विधायक एवं बीसीकेयू के महामंत्री अरुप चटर्जी ने नॉर्थ तीसरा में एमडीओ मोड़ के खिलाफ धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए कहा। 

उन्होंने कहा कि एमडीओ मोड को 25 साल तक चलने की योजना है इसके रेवेन्यू और लाभ पर केंद्र सरकार और कोल इंडिया का कोई हस्तक्षेप नहीं होगा, संगठित और असंगठित मजदूरों का शोषण केवल बढ़ेगा, 40 माइनिंग  को रेवेन्यू शेयरिंग के तहत चलने की योजना है। उन्होंने कहा कि धनबाद में एक ही आउटसोर्सिंग के दबंग ठेकेदार गलत ढंग से 6 आउटसोर्सिंग चला रहे हैं। उनका मकसद कोयला चोरी करना है, इसमें अधिकारी से लेकर सीआईएसएफ और स्थानीय पुलिस कि मिली भगत हैं, जीएम  सेल्स तक को दबंग ठेकेदार की ओर से धमकी दी जा रही है बावजूद कानूनी कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके खिलाफ मजदूरों को गोल बंद होकर एक बड़ी लड़ाई लड़ने की जरूरत है।

सभा के अंत में सर्वसम्मति से संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने 41 वे  दिन डीटी और महाप्रबंधक कार्मिक के लिखित आश्वासन पर तत्काल धरना स्थगित की गई, साथ ही 11 जनवरी से लोदना क्षेत्र का डिस्पैच ट्रांसपोर्टिंग ठप, स्थगित की गई. पत्र में कहा गया है कि 8 से 10 साल तक नॉर्थ तीसरा का विभागीय परियोजना बंद नहीं होगा। किसी भी मजदूर को स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने एकजुट व संघर्ष के माध्यम से आंदोलन की बात कही। 

मौके पर सुरेश प्रसाद गुप्ता,  मुन्दिका पासवान, संजीत सिंह,सयोजक रितेश निषाद, आनंदमयी पाल,  शिशिर महतो, धर्मेंद्र राय, मनोज पासवान ,संतोष मिश्रा, अनिल सिंह ,सुजीत मंडल, उज्जवल कुमार डे, सुनील राय, उमाशंकर प्रसाद, रामनाथ गोप, केल्विन तिर्की, शिवकुमार सिंह ,लक्ष्मीकांत निषाद, वीरेंद्र पासी, सत्येंद्र गुप्ता ,बिहारी लाल चौहान, शिवकुमार सिंह, महेंद्र देव ,सुरेंद्र ,राजेन्द्र आदि थे ।

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