धर्म दिखाया नहीं जाता धर्म जिया जाता है, जो धर्म को जान गया उसका कल्याण निश्चित :सुरेंद्र हरिदास

VijaySharma
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धनबाद :बैकमोड टेलीफोन एक्सचेंज रोड योगा ग्राऊण्ड धनबाद में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के षष्ठम दिवस की शुरुआत विश्व शांति के लिए प्रार्थना के साथ हुई।
कथा  प्रसंग के दौरान  व्यासपीठ से हरिदास जी ने पूतना वध, शकटा सुर  वध, कालिया दमन माटी लीला, गोपियों के चिर वस्त्र हरण लीला, गोवर्धन,लीला छप्पन भोग का प्रसग सुनाया गया।

उन्होंने कहा कि मनुष्य की मृत्यु के साथ केवल भगवान के भजन ही जाते हैं और कुछ साथ नहीं जाता है इसलिए मनुष्य को अपना मन भगवान के भजन में लगाना चाहिए। 
धर्म दिखाया नहीं जाता धर्म जिया जाता है जो धर्म को जान गया उसका कल्याण होना निश्चित होता है। मनुष्य को वही मिलता है जो मनुष्य भगवान को देतें हैं। 

मनुष्य जब तक शुद्ध नहीं होता जब तक वह स्नान न कर ले स्नान से पहले मनुष्य चांडाल के सामान होता है। जो व्यक्ति दूसरों का रास्ता रोखते हैं वह नर्क के भोगी बनते हैं और जो मनुष्य इन लोगों को दान देते हैं तो वह दान निष्फल होता है। दूर्ध, बंदी, मुर्ख अयोग्य, वैद्य ,जुआरी,  जो दूसरों की चमचा गिरी में अपना जीवन निकलता हो और चोर को भी दान नहीं देना चाहिए इसलिए मनुष्य को हमेशा सोच समझ कर दान देना चाहिए ताकि आपका दिया हुआ दान  कभी भी निष्फल ना हो सके। 

भगवान श्री कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ और उनसे उनके माता-पिता भी छूट गए थे लेकिन भगवान श्री कृष्ण ने कभी भी अपने जीवन में हार नहीं मानी और उन्होंने हर समस्या का समाधान किया है। 

मनुष्य को अपने आप को हमेशा सत्य के मार्ग पर लेकर चलना चाहिए जिससे आपका सदा कल्याण होता रहे।इस कथा को सफल बनाने में प्रमुख रूप से सफल बनाने मे  ददन सिंह, संजय सिंह, प्रभात सुरोलिया, सतीश कुमार सिंह, सीपी सिंह, हीरा सिंह, भावेश मिश्रा, वीरेंदर सिंह, महेश सुलतानिया, मोहन अग्रवाल,पवन अग्रवाल,आयुष डोकानियां,श्रीमती कृष्णा सुलतानिया, दिलीप साव, दीपक तिवारी, श्रवण कुमार, प्रदीप पांडे, धर्मेंदर पांडे, अशोक सिंह ,रणजीत पांडे अप्पू सिंह, राजेश झा, मुन्ना वर्णवाल, सुनील राय,आदि सभी समाज के लोगो के सहयोग से किया जा रहा है।

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