भारतीय संविधान में संशोधन कर अल्पसंख्यकों की परिभाषा बदलने की जरुरत

VijaySharma
0


धनबाद : नवगठित राजनीतिक दल "एकम सनातन भारत दल" की दो दिवसीय मैराथन बैठक झारखंड के कोयलांचल की धरती धनबाद में प्रदेश अध्यक्ष शिवाजी सिंह परमार की अध्यक्षता में लिंडसे क्लब हीरापुर में संपन्न हुई। एकम सनातन भारत दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंकूर शर्मा के निर्देश पर बैठक के पहले दिन प्रदेश के सभी वरीय नेताओं की उपस्थिति में सर्वसम्मति से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।

सभी राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि 23 वर्षीय झारखंड का आज तक समुचित रुप से प्रगति नहीं हो पाना दुर्भाग्य है।प्राकृतिक रुप से समृद्ध प्रांत का निर्माण जिन उद्देश्यों को लेकर हुई वह आज तक फलीभात नहीं हो पायी। गरीबी और बेरोजगारी यथावत बनी हुई है। युवा रोजगार के तलाश में नित्य आंदोलन पर उतर रहे हैं। अनुबंध कर्मियों/संविदा कर्मियों को रेगुलराइज करने का दिवास्वप्न दिखाई जा रही है। राज्य की शिक्षा व्यवस्था उस दौर से गुजर रही है कि किसी राज्य को अगर बर्बाद करना हो तो वहां की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त करो वाली नीति यहां चल रही है। भ्रष्टाचार, जातिवाद और क्षेत्रियता की भावना से आंकठ तक डुबे इस प्रांत को प्रगति पथ पर ले जाने का संकल्प इस बैठक में लिया गया। 

कहा कि भारत में सनातन बाहुल्य चरित्र सुनिश्चित एवं संरक्षित करना होगा। भारतीय संविधान में संशोधन कर सेक्युलर और समाजवाद के जगह "रामराज्य की स्थापना" मंदिर और मठों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना और इसके राशि से शिक्षा एवं स्वास्थ्य का संचालन करना, गाय, गंगा और रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करना होगा। भारतीय संविधान में संशोधन कर अल्पसंख्यकों की परिभाषा बदलने की जरुरत है, तात्पर्य ये कि 5 प्रतिशत से कम आबादी वाले को ही अल्पसंख्यक का दर्जा देना होगा। बहुसंख्यक आबादी हिंदूओं को भी अपने अपने स्वायत्त शिक्षण संस्थान स्थापित एवं संचालित करने का मौलिक अधिकार प्रदान करना होगा। भारत में एक ऐसा कानून बनना है कि हिंदू की जमीन कोई गैर हिन्दू ना खरीदें।
1947 के बाद वक्फ बोर्ड के पास  जितनी जमीन है,उनका निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।वक्फ बोर्ड भारत में इस्लामीकरण का सबसे बड़ा हथियार है। फिर ऐसे कानून को समाप्त क्यों नहीं करना चाहिए।पूरे विश्व में सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास कैसे आयी इसकी समुचित जांच होनी ही चाहिए।सच्चर कमेटी के अनुसार भारत की 60 लाख एकड़ भूमि पर वक्फ बोर्ड का मालिकाना हक कैसे है....? इन सारे मुद्दों पर काफी गहनता और गंभीरता से विचार की गई। 
संगठनात्मक ढांचा को आगामी बैठक में विस्तार किया जाएगा ।
बैठक में संगठन के उपाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार सिकरीवाल, राज कुमार, महासचिव देव रंजन सिंह, शान्तनु सिंह, जिलाध्यक्ष धनबाद नीरज कुमार, सचिव सत्य प्रकाश, कुलदीप कुमार, सत्येंद्र राय, विधानसभा प्रभारी बाघमारा शरण सिंह, सह प्रभारी सुदर्शन सिंह, अचिंतन सेन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Post a Comment

0Comments
Post a Comment (0)