पेंशनर डे पर रेलवे रिटायरमेंट एसोसिएशन ने मनाया " पेंशनर डे"

VijaySharma
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धनबादः पेंशन डे, के उपलक्ष में रेलवे रिटायरमेंट एसोसिएशन ने धनबाद पुराना स्टेशन हेल्थ यूनिट के समीप पेंशन डे पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। रविवार को इस कार्यक्रम में सैकड़ो रेल कर्मचारी, केंद्र कर्मचारी और राज्य सरकार के कर्मचारी, केंद्रीय अंडरटेकिंग कर्मचारी ,प्राइवेट कर्मचारी और कार्यरत कर्मचारियों ने भाग लिए।
इस कार्यक्रम में एमके बनर्जी,बीआर सिंह,एसपी साहा,एलडी दास,एनके खावस,बासदेव मंडल,डी एल महतो, अरुण प्रसाद,अनिल कुमार सिन्हा,रहमान,और एसएन राम ने हिस्सा लिए और बताया कि डीएस. नकारा भारतीय रक्षा सेवा में वित्त सलाहकार के रूप में काम करते हुए 1972 में सेवानिवृत्त हुए।
हालांकि पेंशन व्यवस्था अंग्रेज़ों द्वारा लागू की गई थी, लेकिन आज़ादी के बाद कुछ कारणों से बंद हो गई।
तब श्री नकारा ने सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर कर कहा कि उन्होंने देश की कितनी सेवा की है, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें बुढ़ापे में सम्मानपूर्वक जीवन जीने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करे।इस मामले में केंद्र सरकार को प्रतिवादी के तौर पर शामिल किया गया था,बहस खत्म होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश वाईबी चंद्र चौधरी ने 17 दिसंबर 1982 को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया कि पेंशन कर्मचारी का अधिकार है और यह सरकार की मीठी इच्छा नहीं है जैसे लोग भिखारियों को कुछ देकर मदद करते हैं। पेंशन पाना सेवानिवृत्त लोगों का अधिकार है इसीलिए इस फैसले को पेंशनभोगियों का "मैग्ना कार्टा" कहा जाता है।उस महान व्यक्ति के उस दिन किये गये प्रयासों के फलस्वरूप आज सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी सुखी जीवन जी रहे हैं।इसलिए नाकारा की लड़ाई इतिहास में दर्ज हो गई। वो इस मौके पर हीरो बनकर खड़े हुए हैं। इस ऐतिहासिक दिन की याद में हम 1983 से हर साल 17 दिसंबर को पेंशनर दिवस के रूप में मनाते हैं। इस शुभ अवसर के सम्मान में, हम सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को "पेंशनभोगी दिवस" की शुभकामनाएं देते हैं।

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