कार्तिक पूर्णिमा पर दामोदर एवं बराकर नदी किनारे श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

VijaySharma
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पाथरडीह (धनबाद)  कार्तिक पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सोमवार को धनबाद कोयलांचल के नदी घाटों व सरोवरों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई तथा दान पुण्य किया। दामोदर नदी के मोहलबनी सूर्य घाट, बराकर नदी किनारे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ सोमवार को  जुटी।मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पाप और ताप का शमन होता है,स्कंद पुराण एवं ब्रह्मावर्त पुराण में कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान दान करने का बहुत ही महत्व बताया गया है।दामोदर नदी के माहौल बनी घाट पर सुबह से ही स्थान दान का सिलसिला शुरू हो गया था जो दिन भर जारी रहा।श्रद्धालुओं ने दामोदर नदी में आस्था की डुबकी लगाई तथा श्री श्मशान महाकाली,महा काल व बजरंगबली मंदिरों में पूजा अर्चना कर दरिद्र नारायणों को दान पुण्य किया। मोहलबनी मुक्ति धाम मेला समिति की ओर से मेला का आयोजन किया गया था। मेला समिति के संयोजक मौसम महंती,अध्यक्ष पूर्व पार्षद चन्दन महतो,आदि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हुए थे।
दामोदर नदी के मोहलबनी मुक्ति धाम घाट,सीता नाला एवं चासनाला रिवर साईड सुर्य मंदिर घाट पर स्नान करने के लिये सोमवार को प्रातः 4 बजे से धनबाद पुटकी बोकारो निरसा आदि दूर दराज से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी, और श्रद्धालुओं ने दामोदर नदी में आस्था की डुबकी लगाई। तथा पूजा अर्चना के साथ साथ दरिद्र नारायणों को दान पुण्य किया। 
इस दौरान डिगवाडीह से लेकर चन्दन कियारी तक घँटों सड़क मार्ग जाम रहा। जिससे सुदामडीह थाने की पुलिस के पसीने छूट रहे थे।मोहलबनी मुक्ति धाम मेला समिति के सदस्यों को सुरक्षा व्यवस्था सम्भालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। मेले में झूले, ब्रेक डांस चकरी आदि लगाए गए थे। जिसपर बच्चे झूला झूल रहे थे।वही स्नान दान करने के बाद बच्चों ने चाट छोला बटोरा,गुपचुप,नमकीन सिंघाड़ा, पकौड़ी आदि का खूब लुप्त उठाया। मेले में महिला चोरों की दल ने कई जगहों पर हाथ साफ कर दिया। जिसे मेला समिति के युवकों ने पकड़ कर सुदामडीह पुलिस को सुपूर्त कर दिया। 
आओ श्री श्याम भक्त मंडल पाथरडीह झरिया धनबाद की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस 45 वें साल भी भक्त श्रद्धालुओं के लिए खीर प्रसाद का वितरण किया गया। जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने खीर प्रसाद ग्रहण किया। मौके पर भक्त मंडल के कल्लू राठी, राम अयोध्या पांडेय, लालू मास्टर, विकाश सरकार,उत्तम भगत,राकेश मिश्रा,रामपुकार पासवान,राजेश वर्मा, एस के महतो,संतोष सिंह, वेदप्रकाश,आदि की सराहनीय योगदान रहा है।सुरक्षा के मध्य नजर स्थानीय पुलिस एवं स्वयंसेवी संस्थाएं मुस्तैद रहें,महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे स्थान आदि के बाद वस्त्र बदलने के लिए कैंप बनाया गया था। स्थानीय समिति ने खिचड़ी भोग का भी आयोजन किया था।

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