बिहार के बालू खनन मामले में संलिप्त धनबाद के धंधेबाजो पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

VijaySharma
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धनबाद   बिहार में अस्थाई ठिकाना और धनबाद में स्थाई ठिकाना बनाकर बालू के धंधे में माफियागिरी करने वाले लोगों पर प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने शिकंजा कसा है। धनबाद के मिथिलेश सिंह की गिरफ्तारी के बाद बबन सिंह और सुरेंद्र जिंदल की भी गिरफ्तारी की खबर है।सुरेंद्र सिंह जिंदल चनचनी कॉलोनी एवं बबन सिंह जय प्रकाश नगर निवासी है।ईडी की टीम ने गुरुवार को इनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू की थी,और करीब 15 घंटा तक जांच पड़ताल जारी था।शुक्रवार को सुबह इन्हें गिरफ्तार करने की खबर आई।ईडी की टीम इन्हें लेकर अपने साथ पटना चली गई।250 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप lईडी की कार्रवाई का आधार बिहार पुलिस की ओर से पूर्व में दर्ज  प्राथमिकी है।खनन विभाग से भी ईडी को कुछ जानकारियां मिली है।बिहार सरकार को तकरीबन 250 करोड़ राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप ब्राडसन कमोडिटी प्राo लिo एवं आदित्य सन मल्टीकाम प्राo लिo  पर है। छापेमारी के बाद 60  बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया था।  डेढ़ करोड़ नगद और 11 करोड की प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज जब्त किये गए थे।6 करोड़ के एफडीआर से संबंधित दस्तावेज के अलावा कई फिजिकल एवं डिजिटल डॉक्यूमेंट भी जब्त किये गए थे ।बिहार के बालू घोटाले को लेकर धनबाद में 5 जून की छापेमारी के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय की पहली बार एंट्री हुई थी।   इसके पहले धनबाद में कभी प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी नहीं हुई थी। जिनके यहां छापेमारी हुई,जिनकी गिरफ्तारियां हुई,उनमें से कई पहले स्क्रैप का काम करते थे,कुछ कोयले का काम भी करते थे।किसी का बालू पुश्तैनी धंधा था।इस छापेमारी से कोयलांचल में इस बात की चर्चा खूब चल रही है कि कौन कारोबारी मकड़ी की जाल की तरह किसके साथ कारोबार कर रहा है,एक चेहरे  में कितने चेहरे छुपे हुए है,धनबाद के कारोबारी केवल बिहार,बंगाल ही नहीं, बल्कि दूसरे प्रदेशों के कारोबारियों के साथ भी साझेदार है।वैसे प्रवर्तन निदेशालय की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों से दर्जन भर लोगों की चेहरे की हवाइयां उड़ी हुई है।कब किस को  नोटिस आ जाए,कब कौन गिरफ्तार हो जाए,इसको लेकर ऐसे लोगों की चिंताएं बढ़ी हुई है।

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