बारियों स्थित क्रिसेंट इंटरनेशनल स्कूल में सरदार वल्लभभाई पटेल की 149 वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई

VijaySharma
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गोविंदपुर आज बारियों स्थित क्रिसेंट इंटरनेशनल स्कूल में हमारे देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 149 वीं वर्षगांठ बड़े धूमधाम से मनाई गई।इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन श्री शमीम अहमद,निदेशक श्री ईशा शमीम,प्रिंसिपल डॉ.अनिल कुमार, लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉक्टर आर.के.शर्मा,सदस्य श्री केडीएन आजाद,शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।कार्यक्रम की शुरुआत सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पण से हुईl छात्र-छात्राओं ने भारत के मानचित्र के रूप में एक मानव श्रृंखला बनाया एवं भारत की एकता एकता एवं अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दुहराया। तत्पश्चात विद्यार्थी,मंच पर उपस्थित अतिथीगण एवं शिक्षक शिक्षिकाओं ने विधालय की हेड गर्ल सुश्री कमर अर्श के द्वारा संकल्प शपथ लिया की सब मिलकर राष्ट्र की अक्षुण्णता को कायम रखने में अपना योगदान देंगे।इस अवसर पर लायंस क्लब के अध्यक्ष श्री आरके शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि किस प्रकार सरदार वल्लभभाई पटेल ने रियासतों को एकजुट कर भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाया।स्कूल के प्रिंसिपल डॉ.अनिल कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल एक महान और दूरदर्शी नेता थे।लोहपुरुष ने किस तरह
ट्रावनकोर,हैदराबाद,जूनागढ़, जम्मू एवं कश्मीर आदि बड़े एवं छोटे छोटे रियासतों का भारत में विलय करवाया।उन्होंने छात्रों से सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलने और देश के विकास में योगदान  करने का आह्वान किया।क्रिसेंट इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन श्री शमीम अहमद ने अपने बच्चो से कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल एक राष्ट्र निर्माता थे। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और अथक प्रयासों से भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाया।उन्होंने कहा कि हमें सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों पर चलकर एकीकृत भारत को  विश्व का सबसे विकसित राष्ट्र बनाने पर बल दिया।उन्होंने कहा की बच्चे  हीं राष्ट्र निर्माता हैं और उन्हें हीं एकता की धरोहर व भारतीय संस्कृति एवं परंपरा को अगली पीढ़ी को सौंपने लेना होगा तभी राष्ट्र निर्माण सही अर्थ में संभव हो सकेगा।हमें जाति, धर्म, संकीर्णता आदि से ऊपर उठकर ईमानदारी से अपने कर्तव्य निभाने होंगे।सरदार पटेल एक महान नेता और दूरदर्शी थे।उन्होंने भारत को एक अखंड राष्ट्र बनाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।उन्होंने भारत के प्रशासनिक ढांचे को सुव्यवस्थित किया और देश के विकास के लिए कई योजनाओं को लागू किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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