निरसा में जाम से कब निजाद मिलेगी, प्रशासन व जनप्रतिनिधि कब तक लापरवाह बने रहेंगे....... ?

VijaySharma
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धनबाद निरसा में जाम लाइलाज बनकर रह गया है,यूं कहे की कोढ़ में खाज जैसी स्थिति बन कर रह गई है। यह समस्या एक दिन की नही प्रत्येक दिन की है। ट्रैफिक की कोई व्यवस्था नही है।शाम के समय जिस ढंग से दुकाने सजती है उसी तरह बेतरतीब ढंग से छोटे बड़े वाहन सज जाती हैं । दोनों लेन पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं ।आज शनिवार को तो हद ही हो गई।सड़क पर चलना मुश्किल हो गया।कोई देखने वाला नही, न अधिकारी न पुलिस न ही जनप्रतिनिधि  सभी मौन है ।सड़क के दोनों किनारे ,निरसा चौक से जामताड़ा रोड ,निरसा से कालुबाथान रोड हो या जीटी रोड का सर्विस लेन हो या जीटी रोड का मेन रोड हो ।दोनों किनारे टेम्पू,भाड़े के वाहन,और फुटपाथ दुकानदारों से भरा पड़ा है।दुपहिया वाहन को कौन कहे पैदल चलना मुश्किल हो गया है ।आज निरसा चौक पर लोंगों को महाजाम का सामना करना पड़ा ।निरसा चौक से लगभग दो - ढाई किलोमीटर की दूरी तक दिल्ली - कोलकाता एवं कोलकाता - दिल्ली लेन पर घंटों महाजाम की स्थिति बनी रही ।उक्त जाम में एक एंबुलेंस भी फंसी थी जिसमें काफी नाजुक स्थिति में मरीज था ।ज्ञातब्य हो कि राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के दोनों तरफ निरसा में सर्विस लेन बनी है परंतु दुर्भाग्यपूर्ण दोनों सर्विस लेन अतिक्रमणियों के कब्जे में है, यह अधिकारियों की लापरवाही कहें या भय जिसके कारण आए दिन राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर जाम की स्थिति बनी रहती है,आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती है लोग मरते रहते हैं ।झेलना यहां के लोंगों को पडता है।सूत्रों के अनुसार निरसा के जनप्रतिनिधी वोट बैंक की चिंता में चुप रहतें हैं समझ मे आती है मगर प्रशासनिक अधिकारी क्यों चुप रहते है ।सूत्र बताते हैं की राजनीतिक पार्टी की आड़ में एक दो नेता ऐसे भी है जो सरकारी सड़क को अवैध कब्जा कर भाड़े पर दुकान,गुमटी आवंटित कर 
आर्थिक लाभ उठा रहे हैं ।प्रशासनिक अधिकारी,जनप्रतिनिधि सब के सब मुकदर्शक बनकर बैठे हैं निरसा वासी समस्याओं को झेल रही है।आखिर कब तक प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिधि चुप्पी - साधे रहेंगे...... ? और यहां के लोगों को इस महाजाम से निजात कब मिल पाएगा।

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